18 वर्षों से सेवाएं दे रहे 1250 तकनीकी सहायकों ने उठाई नियमितीकरण की मांग, निर्णय नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
तूता मैदान में किया राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन

खबरीलाल 24 रायपुर।
VB-G RAM G (पूर्ववर्ती मनरेगा) में कार्यरत तकनीकी सहायक कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 15 अक्टूबर को रायपुर के तूता मैदान में राज्य स्तरीय एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना एवं रैली आयोजित की। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में कर्मचारियों ने नियमितीकरण, स्थायीकरण नियमावली लागू करने और तकनीकी सहायक पद का नाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) करने की मांग उठाई। संघ ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेना होगा।
18 वर्षों से ग्रामीण विकास में दे रहे योगदान
संघ के अनुसार, प्रदेश में लगभग 1250 तकनीकी सहायक कर्मचारी पिछले करीब 18 वर्षों से ग्रामीण विकास एवं रोजगारपरक योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये कर्मचारी तकनीकी प्राक्कलन तैयार करने, निर्माण कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया, मूल्यांकन तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को अब तक स्थायी सेवा शर्तों, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाया है।
संघ का कहना है कि समय के साथ योजनाओं का स्वरूप बदला है और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तों को व्यवस्थित करने और भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में अपेक्षित निर्णय नहीं लिए गए। लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलना कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

तीन प्रमुख मांगों को लेकर सरकार से पहल की अपील
छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत VB-G RAM G योजना में कार्यरत सभी तकनीकी सहायक कर्मचारियों के लिए नियमित पद सृजित कर उन्हें विभाग में समायोजित करने की है। दूसरी मांग नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू करने की है। वहीं, तीसरी मांग कर्मचारियों के कार्य एवं तकनीकी दायित्वों के अनुरूप तकनीकी सहायक पद का नाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G) करने की है।
संघ ने कहा कि ये मांगें किसी विशेष सुविधा या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं हैं, बल्कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को सम्मानजनक सेवा शर्तें और भविष्य की स्थिरता प्रदान करने से जुड़ी हैं।
मंत्री से मुलाकात के बाद भी ठोस निर्णय का इंतजार
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से सौजन्य भेंट कर कर्मचारियों की लंबित समस्याओं से अवगत कराया था। इस दौरान नियमितीकरण, एचआर पॉलिसी लागू करने तथा पदनाम परिवर्तन सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से रखा गया था। संघ के अनुसार, सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन देते हुए 15 दिन की समय-सीमा दी गई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने संवाद और सहयोग की भावना बनाए रखी, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय की प्रतीक्षा बनी हुई है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि लगभग 18 वर्षों तक ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार को उनकी सेवाओं और योगदान को ध्यान में रखते हुए लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में कर्मचारियों की अहम भूमिका
संघ ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने और विकास कार्यों को धरातल पर उतारने वाले कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है। कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होने से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी निरंतरता बनी रहेगी।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
राज्य स्तरीय धरना एवं रैली के माध्यम से संघ ने प्रदेश सरकार से नियमितीकरण एवं समायोजन, स्थायीकरण नियमावली लागू करने तथा पदनाम परिवर्तन की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो प्रदेश के तकनीकी सहायक कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। संघ ने कर्मचारियों के हितों, उनके परिवारों के भविष्य और ग्रामीण विकास की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।





