संकरी ग्राम पंचायत में 15 गौवंशों की दर्दनाक मौत , जिम्मेदारी किसकी
एसडीएम सहित उच्च अधिकारियों से होगी आज शिकायत

अभनपुर।
एक तरफ सरकार गौ वंश संरक्षण एवं संवर्धन की बात करती है वही दूसरे ओर तस्वीर अलग ही बया कर रही है
अभनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत संकरी से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 15 मृत गौवंश खुले में पड़े मिले हैं। इन गौवंशों के शवों को खुले मैदान में फेंक दिया गया, जहाँ आवारा कुत्ते उन्हें नोचते हुए देखे गए। यह दृश्य अत्यंत हृदय विदारक था। सूत्रों की माने तो विगत 3 माह में 30- 35 गौ वंश की हुई है मृत्यु

सूत्रों के अनुसार, गौठान में उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी। गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था भी ठीक से नहीं था,एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने के शर्त में बताया कि गौ वंश को कुछ सप्ताह पहले 8 दिन से चारा नहीं मिला था और अभी कुछ दिन पहले हुई लगातार बारिश के में गौ वंश खुले में रहे कही न कही बरसात में ठंड से उनकी मौत भी मानी जा रही है। जबकि अस्थाई छाया के लिए पूर्व में अवगत कराया गया था। मीडिया टीम जब मौके पर पहुँची, तो पाया कि गौठान में पानी की कमी के साथ बारिश से बचाव के लिए कोई शेड या छाया की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
इस घटना पर ग्राम पंचायत संकरी की सरपंच शुभम साहू से जब बात की गई, तो उन्होंने कहा ये जितने भी गौवंश मरे हैं, ये सब घुमंतू गौवंश थे।हमने उन्हें गौठान में रखने की व्यवस्था की थी हमारे तरफ से पूरा चारा-पानी देने की कोशिश की गई अब अगर उनकी मृत्यु हो गई है, तो हम कर भी क्या सकते हैं। गौठान संचालन के लिए कोई न कोई सरकारी फंड है और न कोई राशि।
लेकिन सवाल उठता है —
क्या जिम्मेदारों की लापरवाही ने इन बेजुबानों की जान ली?
और अब इन मौतों की जवाबदेही कौन लेगा?
अगर व्यवस्था की गई थी, तो इतने बड़े पैमाने पर मौतें कैसे हुईं?
लगातार बारिश और भूख से गौवंश एक-एक कर दम तोड़ ते चले गए।





