2026-05-19 |
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धरदेई पंचम दिवस नवधा रामायण ज्ञान यज्ञ, धर्मलाभ लेने उमड़े भक्त – शरद देवांगन

Khabrilal24.com  [ मुंगेली-सरगांव ] धरदेई में आयोजित श्री अखण्ड नवधा रामायण ज्ञान यज्ञ समारोह भक्तिमय 41 वां वर्ष-2026 आयोजन में भक्तों ने लिया आशीर्वाद मानस संत श्री नंदकुमार साहू जी का आगमन से धर्म लाभ लेने उमड़े भक्त। अखंड नवधा रामायण श्री राम नाम की ध्वनि से भक्तिमय हुआ। शरद देवांगन द्वारा मानस गंगा में पधारें सभी मंचस सदस्यों को श्री हनुमान चालीसा स्वर्गीय श्रीमती रामप्यारी देवांगन (दादी), श्रीमती ईश्वरी देवांगन (माता) की स्मृति में 651 श्री हनुमान चालीसा भेंट किया गया।

शरद देवांगन ने कहा कि – श्री हनुमान चालीसा एक पवित्र और शक्तिशाली पुस्तक है, जिसमें भगवान हनुमान की स्तुति और गुणों का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक सभी मंचस सदस्यों के लिए एक मूल्यवान उपहार है, जो उन्हें भगवान हनुमान की कृपा और शक्ति प्रदान करेगी। इस पुस्तक को भेंट करने का उद्देश्य सभी मंचस सदस्यों को भगवान हनुमान की कृपा और शक्ति से जोड़ना है, और उन्हें जीवन में सकारात्मकता, शक्ति और शांति प्रदान करना है।

नवधा रामायण के दूसरे दिन प्रातः काल से ही परिसर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गई। रामायण पाठ के मधुर स्वर, भजन- किर्तन और जय श्री सीता राम- जय श्री राम के उद्घोष से पूरा धरदेई अवधपुर वासी और आस पास के क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने श्री सीता राम कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया और अपने जीवन में मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

शरद देवांगन ने कहा नवधा रामायण का यह पावन आयोजन क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते हुए समाज में धर्म, आस्था और एकता का संदेश दे रहा है। इस प्रकार के आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। इस आयोजन से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

रामायण कथा के दौरान वक्ताओं ने भगवान श्री राम के आदर्शों-सत्य, कर्तव्य, त्याग और करुणा-पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक और व्यस्त जीवन में रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण कला है। राम कथा से समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना होती है

धरदेई नवधा रामायण के पंचम दिवस में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था- नवधा रामायण के पंचम दिन महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। बच्चों में भी धार्मिक संस्कारों के प्रति उत्साह नजर आया, जो इस आयोजन की सामाजिक उपयोगिता को दर्शाता है।

आयोजन समिति और मंच संचालक ओमप्रकाश साहू, मंजीत सिंह , त्रिलोकीनाथ साहू एवं श्रीराम भोजनालय दुर्गेश साहू, मोतीलाल साहू, और क्षेत्र के नागरिकों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वच्छता, व्यवस्था, जलपान और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नवधा रामायण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव और शांति का संचार हो रहा है।

शरद देवांगन ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रामकथा का श्रवण करने की अपील की है। आयोजन समिति धरदेई और सभी क्षेत्र के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग और भक्ति भाव से ही ऐसे पुण्य आयोजन संभव हो पाते हैं।

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