
नवा रायपुर khabrilal24.com | नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक सेंट्रल पार्क, नवा रायपुर में बुधवार 30 सितम्बर को आयोजित हुई। बैठक में प्रभावित किसानों की विभिन्न समस्याओं, लंबित मांगों तथा संबंधित विभागों के साथ हुए पत्राचार एवं बैठकों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न प्रस्ताव भी पारित किए गए।
अधिकारों और मांगों को लेकर संगठित होना जरूरी : सुजीत घिदौड़े
बैठक में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं पूर्व अध्यक्ष, सरपंच संघ नवा रायपुर, सुजीत घिदौड़े ने प्रभावित किसानों को संबोधित किया। उन्होंने किसानों की लंबित मांगों एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रभावित किसानों की समस्याएं किसी एक परिवार या गांव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे प्रभावित क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं।

उन्होंने किसानों से अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर पुनः संगठित होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के समक्ष किसानों की समस्याओं को मजबूती से रखना आवश्यक है। संवाद, संगठन और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
कई स्तरों पर मांगें रखने का दावा- समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने कहा कि प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर समिति के सदस्यों द्वारा पिछले कई महीनों से उच्च न्यायालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, क्षेत्रीय विधायक तथा एनआरडीए के सक्षम अधिकारियों के समक्ष मांगें रखी गई हैं। समिति के अनुसार, कई दौर की बैठकों एवं पत्राचार के बावजूद समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठे- बैठक में प्रभावित गांवों में श्मशान घाट, चारागाह भूमि, आबादी भूमि, बसाहट बस्ती, तालाब, नाला और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। समिति ने संबंधित भूमि एवं विकास कार्यों को लेकर एनआरडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामलों में स्पष्टता और समाधान की मांग की।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष ललित यादव ने कहा कि – आपसी सहमति से भूमि विक्रय की प्रक्रिया के लिए कई प्रभावित किसानों को तीन माह, छह माह और यहां तक कि एक वर्ष तक एनआरडीए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समिति ने प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने की मांग की।

बसाहट पट्टा और पीएम आवास का मुद्दा –
बैठक में प्रभावित गांवों में बसाहट पट्टा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े परिवारों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। समिति का कहना है कि कई परिवारों के नाम पीएम आवास के लिए हैं, लेकिन जिस भूमि पर वे लंबे समय से निवासरत हैं, वहां निर्माण को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं।
08 अक्टूबर को किसान महासभा –

इसी क्रम में 08 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दोपहर 1:30 बजे सेंट्रल पार्क, नवा रायपुर में प्रभावित किसानों एवं क्षेत्रवासियों की किसान महासभा आयोजित की जाएगी।
समिति के अनुसार, महासभा में आंदोलन की आगामी रूपरेखा एवं आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। समिति ने पदाधिकारियों, सदस्यों, पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, नवजवानों, बेरोजगार युवाओं, किसानों तथा माता-बहनों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
समिति ने प्रभावित गांवों में स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को आगामी कार्यक्रम की जानकारी देने का भी आह्वान किया है।
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रभावित युवा, किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में प्रभावित किसान परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।





