बेलर खदान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी! नियम ताक पर, रॉयल्टी में हेराफेरी से शासन को नुकसान

खबरी 24/अभनपुर
ग्राम बेलर स्थित खदान में चल रहे खनन कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यहां नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए खनन और परिवहन कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

खदान क्षेत्र के आसपास की सड़कें धूल से अटी पड़ी हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार उड़ती धूल न केवल पर्यावरण मानकों का उल्लंघन है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती जा रही है।=मौके पर पहुंची मीडिया टीम ने पाया कि खनिज परिवहन में लगे कई हाईवा वाहनों में नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं थी, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। यह स्थिति परिवहन नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है और पूरे मामले को संदिग्ध बनाती है। जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों से खनिज परिवहन होने के बावजूद केवल 3 से 8 वाहनों की ही रॉयल्टी दर्ज की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर रॉयल्टी में हेराफेरी की जा रही है, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। इस पूरे मामले पर जब ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि श्री टंडन से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि खनन कार्य में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने ऐसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।ग्रामीणों के अनुसार, खदान से जुड़े परिवहन कार्य में लगे वाहन शिवेंद्र तिवारी से संबंधित बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही खदान क्षेत्र में धूल नियंत्रण और रॉयल्टी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।





